आध्यात्मिक यात्रा

आध्यात्मिक यात्रा पर चलना मुश्किल नहीं होता, बस उद्देश्य और नियमितता चाहिए। कई लोग इसे सिर्फ ध्यान या पूजा समझते हैं, जबकि यह सोचने और जीने का एक तरीका भी है। अगर आप समझना चाहते हैं कि कैसे रोज़मर्रा में आध्यात्मिकता ला सकते हैं, तो ये पन्ना आपके लिए है। मैं यहाँ सीधे, काम की बात बताऊंगा — छोटे कदम जिनसे मन शांत होगा और जीवन साधारण होगा।

पहला कदम है उठने का तरीका। सुबह की एक छोटी रूटीन, जैसे श्वास पर पाँच मिनट का ध्यान, आपको दिन भर शांति दे सकता है। सुबह की चाय के साथ १० मिनट ध्यान रखें या समीप के पेड़ के नीचे बैठकर कुछ साँसें गहरी लें। दूसरे शब्दों में, बड़ी कोशिश की जरूरत नहीं, बस लगातार करना जरूरी है।

दूसरा कदम है विचारों पर नियंत्रण। हमने सबको सिखाया नहीं कि हर विचार पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। एक सरल अभ्यास है — जब कोई नकारात्मक विचार आये तो उसे नाम देकर छोड़ दें। उदाहरण के लिए "चिन्ता" कहकर उसे जाने दें। यह तरीका दिमाग को प्रशिक्षित करता है और आप छोटे समय में फर्क महसूस करेंगे।

तीसरा है सेवा और ध्यान का संतुलन। आध्यात्मिकता का सिर्फ आत्म-उन्नयन नहीं, दूसरों के काम आना भी है। रोज़ कोई छोटा सा अच्छा काम करें — पड़ोसी की मदद, किसी विचार का समर्थन, या किसी को मुस्कुराहट देना। इससे अंदर से सुकून मिलेगा और कर्म का अर्थ समझ आएगा।

चौथा है संक्षेप में पढ़ना और सीखना। रोज़ दस मिनट किसी आध्यात्मिक किताब, श्लोक या प्रेरक लेख पढ़ें। बड़ी किताब एक बार में खत्म करने की जरूरत नहीं। छोटे-छोटे अंश पढ़कर अपने दिन में उसे शामिल करें। इससे विचारों को दिशा मिलेगी और व्यवहार बदलने में मदद होगी।

हैचुभ: व्यायाम और साधना एक साथ रखें। शारीरिक अभ्यास जैसे योग या तेज चलना, मन को स्थिर करने में मदद करते हैं। श्वास पर ध्यान और हल्की-फुल्की stretching मिलाकर रखिए। इससे नींद भी सुधरती है और मन शांत रहता है।

आसान तकनीकें जो आजमाई जा सकती हैं

कुछ तेज और असरदार तकनीकें हैं जिन्हें आप तुरंत आजमा सकते हैं। 4-4-8 श्वास पद्धति — चार सेकंड सांस अंदर, चार सेकंड रोकें, आठ सेकंड बाहर — यह तुरंत तनाव घटाती है। फिर 3 मिनट का शरीर स्कैन ध्यान — पैरों से सिर तक धीरे-धीरे ध्यान ले जाएं और हर हिस्से को आराम दें। आख़िर में एक छोटा धन्यवाद अभ्यास — दिन में एक बार तीन चीज़ें लिखें जिनके लिए आप आभारी हैं। ये तकनीकें रोज़मर्रा की दौड़ में भी लागू हो जाती हैं।

शुरू कहाँ से करें

शुरुआत के लिए रोज़ ५-१५ मिनट निकालकर ऊपर बताई तकनीकें अपनाएँ। लगातार एक महीने देने से आप फर्क महसूस करेंगे। अगर आपको समुदाय पसंद है तो स्थानीय satsang या ऑनलाइन क्लास जॉइन करें। ध्यान रखें, आध्यात्मिक यात्रा किसी मुकाबले की नहीं, यह आपकी खुद की समझ और शांति पाने का रास्ता है।

अंत में, छोटी आदतें बड़ी छाप छोड़ती हैं। शुरू करो, रोज़ थोड़ा-थोड़ा और आगे बढ़ो। वैराग समाचार पर ऐसे और सरल सुझाव मिलते रहेंगे ताकि आपकी आध्यात्मिक यात्रा सहज और असरदार बने।

टारक मेहता का उल्टा चश्मा' के अभिनेता गुरुचरण सिंह 24 दिनों बाद घर लौटे, अपनी आध्यात्मिक यात्रा का किया खुलासा

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टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में रोशन सिंह सोढ़ी की भूमिका निभाने वाले अभिनेता गुरुचरण सिंह 24 दिनों से अधिक समय तक लापता रहने के बाद घर लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि वह एक आध्यात्मिक यात्रा पर निकल गए थे और इस दौरान अमृतसर और लुधियाना के विभिन्न गुरुद्वारों में रहे।

Abhinash Nayak 18.05.2024