रिले दौड़ — जल्दी समझें, बेहतर करें

रिले दौड़ सिर्फ तेज दौड़ना नहीं है बल्कि सही बटन (बाटन) पास, टीम तालमेल और रणनीति का खेल है। छोटे से गलती से पूरा रेस टूट सकती है। यहाँ मैं आसान भाषा में बताऊँगा कि रिले कैसा होता है, कौन-कौन से नियम होते हैं और वो प्रैक्टिकल टिप्स जो तुरंत काम आएँगे।

मुख्य नियम और पासिंग तकनीक

सबसे आम फॉर्मैट 4x100 और 4x400 है। हर रेस में टीम के चार सदस्य होते हैं और हर एक को बटन लेकर एक निर्धारित दूरी तय करनी होती है। बटन केवल एक्सचेंज ज़ोन में ही पास किया जा सकता है; एक्सचेंज ज़ोन आम तौर पर 20 मीटर लंबी होती है। ज़ोन से बाहर पास करने पर टीम डिसक्वालिफाई हो सकती है।

बटन पास के तीन सामान्य तरीके हैं: अप्सवीप (upsweep), डाउनस्वीप (downsweep) और पुश पास। अप्सवीप में बटन नीचे से ऊपर की ओर दिया जाता है, डाउनस्वीप में ऊपर से नीचे और पुश पास में बेल्ट-लाइन की दिशा में आगे धकेल कर दिया जाता है। 4x100 में आमतौर पर डाउनस्वीप या पुश पास ज्यादा विश्वसनीय होते हैं क्योंकि वे तेज और स्थिर होते हैं।

पास करते समय विज़न पर कम भरोसा रखें — देखने का समय कम लें। पास लेने वाला रन करता है और हाथ पीछे फैला कर संकेत देता है। संकेतों के लिए छोटी आवाज़ या हाथ के इशारे रखें। सही ग्रिप बहुत जरूरी है: बटन को बेस पर रखें, ताकि गिरने के मौके कम हों।

प्रैक्टिकल ट्रेनिंग टिप्स

रिले ट्रेनिंग में रोज़ाना तीन चीज़ें करें: टेक्निकल ड्रिल, स्पीड वर्क और रिले-विशेष अभ्यास। टेक्निकल ड्रिल में एक्सचेंज ज़ोन पर बार-बार पासिंग प्रैक्टिस करें — शुरुआत में चलकर, फिर धीरे-धीरे रफ्तार बढ़ाकर। 4x400 में पासिंग थोड़ी आराम से हो सकती है पर 4x100 में हर सेकंड मायने रखता है।

टीम क्रम तय करते समय ध्यान दें: तेज़ शुरुआत करने वाला पहले, सबसे स्थिर और दबाव सहने वाला आखिरी (एंकर) रखें। दूसरे और तीसरे में वे रखें जो कर्व पर बेहतर दौड़ते हैं। प्रतिस्पर्धा में रनर-ऑर्डर बदलना सिर्फ तब करें जब सबका अभ्यास हो।

अक्सर होने वाली गलतियाँ: एक्सचेंज ज़ोन से पहले रुक जाना, हाथ का गलत एंगल, कमजोर संकेत, और बटन ढीला पकड़ा जाना। इन पर काम करने के लिए छोटी-छोटी रिले रिहर्सल करें और अभ्यास में गलती होने पर रिकॉर्ड करके देख लें कि कहा सुधार चाहिए।

वार्म-अप में रिहर्सल, शॉर्ट स्प्रिंट और स्ट्रेचिंग शामिल रखें। बटन की सफाई और बेल्ट पर सही पोजिशन तय रखें। प्रतिस्पर्धा से पहले कम से कम 10-15 बार पासिंग रिहर्सल करना फायदेमंद है।

यदि आप स्थानीय टीम में जुड़ना चाहते हैं तो अपने नजदीकी एथलेटिक्स क्लब या स्कूल को पूछें। छोटे टूर्नामेंट और क्लब रेस में भाग लेकर अनुभव बढ़ाएँ। याद रखें, रिले जीतने का राज सिर्फ स्पीड नहीं — भरोसा, अभ्यास और छोटी-छोटी तकनीकें हैं जो बड़ा फर्क बनाती हैं।

सेहरावत का कुश्ती में मुकाबला, गोल्फ और रिले दौड़ों का रोमांचक शो

सेहरावत का कुश्ती में मुकाबला, गोल्फ और रिले दौड़ों का रोमांचक शो

भारत के ओलंपिक अभियान के 13वें दिन का कार्यक्रम बेहद रोमांचक है। अमन सेहरावत कुश्ती में कांस्य पदक के लिए प्रयासरत होंगे वहीँ महिला और पुरुष 4x400 मीटर रिले टीमें इतिहास रचने की कोशिशें करेंगी। अदिति अशोक और दीक्षा डागर गोल्फ में प्रतिस्पर्धा करेंगी।

Abhinash Nayak 9.08.2024