George Soros: कौन हैं और क्यों चर्चा में रहते हैं

जॉर्ज सोरोस एक निवेशक से लेकर विश्व के सबसे बड़े दानकर्ताओं में से एक बने। आपने उनके नाम पर विरोध और समर्थन—दोनों खूब सुने होंगे। यहाँ आप उन्हें समझेंगे: उनका सफर, उनका दान, और जिन खबरों पर निगाह रखनी चाहिए।

कौन हैं जॉर्ज सोरोस?

सोरोस हंगरी में जन्मे, बाद में अमेरिका चले गए। उन्होंने "क्वांटम फंड" जैसी फर्मों के जरिए बड़ा धन कमाया। पढ़ने-सुनने में आता है कि उन्होंने वित्तीय बाजारों में बड़े दांव लगाए और उनकी सफलता ने उन्हें वैश्विक प्रभाव दिया।

लेकिन सिर्फ निवेशक होकर वे वहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने पैसों से शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता जैसे क्षेत्रों में अरबों डॉलर दिए। Open Society Foundations उनकी प्रमुख संस्था है जो कई देशों में काम करती है।

उनके काम और विवाद — दोनों साथ चलते हैं

सोरोस की फाउंडेशन ने कई देशों में न्यायिक सुधार, स्वतंत्र मीडिया और शिक्षा को समर्थन दिया। इससे स्थानीय स्तर पर नीतियों में बदलाव और नागरिक समाज की ताकत बढ़ी। इसी वजह से वे अनेक लोकतांत्रिक सुधार मुहिमों के साथ जुड़े दिखते हैं।

वहीं, उनकी गतिविधियों के कारण वे अक्सर आलोचनाओं और साजिश के आरोपों का सामना भी करते हैं। कई बार राजनीतिक समूहों ने उन्हें देश के मामलों में दखल देने वाला बताया। इंटरनेट पर उनकी खिलाफ अफवाहें और झूठे दावे भी तेजी से फैलते हैं।

इसलिए किसी भी खबर को पढ़ते समय ध्यान रखें: क्या स्रोत भरोसेमंद है? क्या लेख में तथ्य और दस्तावेज़ दिए गए हैं? फर्जी खबरें अक्सर भावनाओं पर जोर देती हैं, जबकि सही रिपोर्टिंग सबूत दिखाती है।

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क्या सोरोस का असर सिर्फ राजनीतिक है? नहीं। उनके दान से विश्वविद्यालयों, स्वास्थ्य परियोजनाओं और कला संस्थाओं को भी मदद मिली है। कई स्टार्टअप और सामाजिक प्रोजेक्ट्स को ग्रांट मिली, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और प्रशिक्षण के मौके बने।

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अंत में, खबर पढ़ें पर सोच-समझकर। किसी भी आरोप को तुरंत मानना ठीक नहीं। सोरोस जैसी हस्तियाँ बड़े पैमाने पर प्रभाव रखती हैं — इसलिए उनकी गतिविधियों को समझना ज़रूरी है, पर भड़काऊ दावों से दूर रहकर। वैराग समाचार पर हम यही रास्ता अपनाते हैं: खुलकर रिपोर्ट, तथ्य के साथ।

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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक इंटरव्यू में अपने चुटीले अंदाज से सबका दिल जीत लिया जब उनसे पूछा गया कि वो किम जोंग उन या जॉर्ज सोरोस के साथ डिनर करना चाहेंगे। जयशंकर ने हंसते हुए जवाब दिया कि 'अभी नवरात्रि है, मैं उपवास पर हूं', जिससे दर्शक भी हंस पड़े। यह सवाल राजनैतिक रूप से संवेदनशील था, क्योंकि दोनों शख्सियतों की छवि विवादस्पद है।

Abhinash Nayak 6.10.2024