बम धमकी — तुरंत क्या करें और कैसे सुरक्षित रहें
बम धमकी मिलना डराने वाला अनुभव होता है, पर घबड़ाहट में गलत कदम नुकसान पहुंचा सकते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि सही कदम कौन-कौन से हैं? यहां आसान और व्यावहारिक सलाह दी जा रही है जिन्हें तुरंत लागू कर सकते हैं।
तुरंत क्या करें
अगर आपको कॉल, ईमेल या मैसेज के जरिए बम धमकी मिली है तो सबसे पहले शांत रहें। घबराकर अक्शर लोग पूरी जानकारी खो देते हैं—इसलिए आवाज़ में ध्यान दें, caller ID नोट करें और समय लिख लें। कॉल के दौरानCaller का नाम, आवाज़ की तरह-व-तरीके, पृष्ठभूमि शोर, और किसी भी विशिष्ट शब्द को याद करने की कोशिश करें।
संदिग्ध वस्तु देखें तो उसे छुएं नहीं। किसी खोले या पैक किए गए पैकेट के पास नहीं जाएँ। सार्वजनिक जगह पर हों तो वहां के सुरक्षा अधिकारी या स्टाफ को तुरंत बताएं और पुलिस को कॉल करें (112 या स्थानीय नंबर)। इमारतों में लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, इमरजेंसी एग्जिट से शांतिपूर्वक बाहर निकलें।
रिपोर्टिंग और बाद की कार्यवाही
शिकायत दर्ज कराना ज़रूरी है। पुलिस को हर छोटी-बड़ी जानकारी दें: किसने धमकी दी, कब और कैसे मिली, किसी संदिग्ध पैकेट का स्थान। अगर संदेश डिजिटल है तो स्क्रीनशॉट लें और ओरिजिनल को मिटाएं या आगे न भेजें—यह संदेह को फैलाने जैसा हो सकता है।
स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ जांच करती हैं—वे इलाके को सील कर सकती हैं और बम डिस्पोजल टीम बुला सकती है। उन निर्देशों का सख्ती से पालन करें। घटनास्थल पर वापस जाकर चीजें छेड़ने से बचें, क्योंकि इससे सबूत नष्ट हो सकते हैं और खतरा बढ़ सकता है।
ऑनलाइन पर अफवाहें फैलने से रोकें। किसी अनौपचारिक स्रोत पर सनसनीखेज खबर शेयर करने से केवल डर बढ़ता है। आधिकारिक चैनलों—पुलिस, नगर निगम या आपकी संस्था के कम्युनिकेशन—से ही पुष्टि करें।
क्या आप किसी स्कूल या ऑफिस में हैं? वहाँ मौजूद लोगों की सूची बनाएं और जवाबदेही सुनिश्चित करें। बच्चों और बुज़ुर्गों को शांत रखें और जो लोग घबराएं उन्हें अलग जगह पर बैठाएँ। अगर वाहन में हैं, तो वाहन बंद करके सुरक्षित दूरी बनाकर बाहर आएं।
घटना के बाद: स्थानीय प्राधिकरणों के साथ सहयोग करें और अपनी रिपोर्ट लिखित में रखें। मानसिक असर हो सकता है—अगर आप या कोई और डर या तनाव महसूस कर रहा है तो काउंसलिंग पर विचार करें। धमकी देने वाले के खिलाफ FIR दर्ज कराना कानूनी रास्ता है, इसलिए सबूत संजो कर रखें।
अंत में, याद रखें—सुरक्षा आपसी जिम्मेदारी है। संदिग्ध चीज़ दिखे तो खुद न जांचें, तुरंत रिपोर्ट करें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। छोटा-सा सही कदम बड़ा जोखिम टाल सकता है।