आर्थिक सर्वेक्षण 2025: क्या जानें और क्यों मायने रखता है

आर्थिक सर्वेक्षण 2025 हर नागरिक, व्यापारी और छात्रों के लिए जरूरी पढ़ने वाली रिपोर्ट है। यह दस्तावेज़ पिछले साल की आर्थिक तस्वीर, चालू चुनौतियाँ और सरकार के सामने मौजूद नीतिगत विकल्प बताता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि GDP की चाल, महंगाई, रोजगार और कृषि पर क्या असर पड़ेगा — तो यह पेज आपकी शुरुआत के लिए है।

मुख्य हाइलाइट्स

सबसे पहले GDP ग्रोथ की रफ्तार: सर्वेक्षण में अनुमान है कि अर्थव्यवस्था ने मंदी से उबरते हुए औसतन वृद्धि दर्ज की है, पर क्षेत्रवार असमानता बनी हुई है। कृषि ने खेत स्तर पर सुधार दिखाया है जबकि विनिर्माण और रोजगार सृजन में गति धीमी रही।

महंगाई और मुद्रास्फीति पर रिपोर्ट कहती है कि खाद्य कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक ऊर्जा की कीमतें मुद्रास्फीति के मुख्य कारण रहीं। RBI की मौद्रिक नीति और सरकार की आपूर्ति-तथा सब्सिडी नीतियाँ असर डालती दिखीं।

रोजगार के मोर्चे पर सर्वेक्षण ने अनौपचारिक क्षेत्र और युवा बेरोज़गारी को लेकर चिंताएं जताई हैं। स्किल डेवलपमेंट, MSME समर्थन और डिजिटल रोजगार प्लेटफॉर्म के सुझाव दिए गए हैं ताकि नौकरी के अवसर बढ़ें।

बजट और वित्तीय स्थिति: वित्तीय घाटे, कर संग्रह और व्यय प्राथमिकता पर रिपोर्ट ने सटीक आंकड़े दिए हैं। सार्वजनिक निवेश को बढ़ाने पर बल है, लेकिन ऋण-स्थिरता बनाए रखने की भी सलाह है।

आपके लिए क्या मायने रखता है

यदि आप आम नागरिक हैं तो ध्यान दें: महँगाई और सब्सिडी में बदलाव सीधे घरेलू बजट को प्रभावित करेंगे। खाने-पीने और ऊर्जा लागत पर नजर रखें।

निवेशक और कारोबारियों के लिए संकेत साफ़ हैं — सरकार निवेश को प्राथमिकता दे रही है, खासकर आधारभूत ढांचे और स्थानीय विनिर्माण में। यह स्टॉक मार्केट, IPO और निवेश रणनीति पर असर डाल सकता है।

छात्रों और नौकरी तलाशने वालों के लिए बताया गया है कि कौशल प्रशिक्षण और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फोकस बढ़ेगा। इसलिए कौन से कोर्स और कौशल अब मांग में हैं, उस पर ध्यान दें।

कृषि से जुड़े लोग फसल बीमा, सिंचाई और कीमत समर्थन योजनाओं के बदलते स्वरूप पर नजर रखें — ये सीधे आय पर असर डालते हैं।

अंत में, सर्वेक्षण नीतिगत संकेत देता है — कर सुधार, सरकारी खर्च की प्राथमिकताएँ और निजी निवेश को कैसे आकर्षित किया जाएगा। इन बिन्दुओं का असर अगले बजट और आर्थिक फैसलों में दिखेगा।

अगर आप रिपोर्ट का पूरा टेक्स्ट देखना चाहते हैं, तो वित्त मंत्रालय की वेबसाइट या वैराग समाचार पर प्रकाशित सारांश पढ़ें। यहाँ हम आसान भाषा में वही प्रमुख बिंदु दे रहे हैं ताकि आप तेज़ी से समझ सकें कि आगे क्या बदल सकता है और आपके लिए क्या करना उपयोगी होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण 2025: मुख्य बिंदुओं पर नजर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण 2025: मुख्य बिंदुओं पर नजर

आर्थिक सर्वेक्षण 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और वित्तीय सुधारों की दिशा में प्रगति पर प्रकाश डाला। सर्वेक्षण के अनुसार, अर्थव्यवस्था 2025-26 में 6.3% से 6.8% तक बढ़ने की संभावना है। रोजगार में वृद्धि, महिला उद्यमिता को समर्थन, बुनियादी ढांचे में सुधार, और डिजिटलाइजेशन की वृद्धि महत्वपूर्ण बिंदुओं में शामिल हैं।

Abhinash Nayak 1.02.2025