"1947 में RSS मजबूत होता तो नहीं बंटता भारत": सुनील आंबेकर का बयान
RSS प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर का दावा: अगर 1947 में संघ आज जैसा मजबूत होता, तो भारत का विभाजन नहीं होता। इस बयान ने ऐतिहासिक बहस को नई दिशा दी है।
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RSS प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर का दावा: अगर 1947 में संघ आज जैसा मजबूत होता, तो भारत का विभाजन नहीं होता। इस बयान ने ऐतिहासिक बहस को नई दिशा दी है।
गुजरात के विजवदार विधानसभा बायपोल में AAP के उम्मीदवार गोपाल इटालिया ने 75,942 वोटों से बीजेपी के किरेट पटेल को 17,554 वोटों से मात दी। यह जीत दिल्ली के चुनाव के हार के बाद AAP की पहली बड़ी सफलता है। बायपोल का कारण भाजपा में शामिल हुए पूर्व MLA भूपेन्द्र भयानी का इस्तीफा था। जीत का असर राज्य तथा राष्ट्रीय राजनीति में नई गतियों को जन्म देगा।
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचक ने लेह में 4 मौत और 60 से अधिक चोटिलों के बाद अपना 15‑दिन का हंगर स्ट्राइक तुरंत समाप्त किया। सरकार ने उन्हें हिंसा के प्रेरक कहा, जबकि राज्यता और छठे क्रमांक के अनुबंध की माँगें बनी रहें। दोनों पक्षों ने संवाद की राह फिर से अपनाने का आह्वान किया।
ज्वाइंट पार्लियामेंटरी कमेटी ने वक्फ संशोधन विधेयक पर 14 संशोधन क्रियान्वित किए। विपक्ष ने बैठक में नियमों का पालन न होने का आरोप लगाया। संशोधन धर्म पर केंद्रित हैं और अल्पसंख्यक मुस्लिम गुटों को मुख्य धारा से बाहर करने की दिशा में उठाए गए हैं। विपक्ष संशोधनों से नाखुश है और सुप्रीम कोर्ट जा सकता है।
महाराष्ट्र सरकार गठन को लेकर महायूति गठबंधन की गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं, जिसमें तीन संभावित सूत्रों पर विचार किया जा रहा है। पहले फॉर्मूले में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री और शिवसेना व एनसीपी से उपमुख्यमंत्री की बात है। दूसरे, फिफ्टी-फिफ्टी फॉर्मूले में फडणवीस और शिंदे को 2.5-2.5 साल के लिए मुख्यमंत्री बनाने की बात है। मौजूदा स्थिति का निकट भविष्य क्या होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
नरेश मीणा की गिरफ्तारी के बाद टोंक जिले में तनाव का माहौल बन गया। एसडीएम अमित चौधरी पर थप्पड़ मारने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद हिंसा और पुलिस पर पथराव समेत कई घटनाएं हुईं। गिरफ्तारी से पैदा हुई हिंसा के कारण विशेष बलों को बुलाना पड़ा। इस घटनाक्रम से सरकार और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक इंटरव्यू में अपने चुटीले अंदाज से सबका दिल जीत लिया जब उनसे पूछा गया कि वो किम जोंग उन या जॉर्ज सोरोस के साथ डिनर करना चाहेंगे। जयशंकर ने हंसते हुए जवाब दिया कि 'अभी नवरात्रि है, मैं उपवास पर हूं', जिससे दर्शक भी हंस पड़े। यह सवाल राजनैतिक रूप से संवेदनशील था, क्योंकि दोनों शख्सियतों की छवि विवादस्पद है।
नाम तमिलर काची (एनटीके) के नेता सीमैन ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को मिली जमानत को बलिदान के रूप में पेश किए जाने पर सवाल उठाया है। सीमैन का कहना है कि एआईएडीएमके के शासन में सेंथिल बालाजी कानूनी मुसीबतों का सामना कर रहे थे और उनकी गिरफ्तारी डीएमके के कार्यकाल में हुई थी।
कमला हैरिस ने 2024 राष्ट्रपति चुनाव के लिए मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज़ को अपना रनिंग मेट चुना है। टिम वाल्ज़, एक पूर्व शिक्षक और अमेरिकी सेना के नेशनल गार्ड के सदस्य, ग्रामीण और श्वेत मतदाताओं के बीच लोकप्रियता प्राप्त कर सकते हैं। उनकी प्रोग्रेसिव नीतियों और साधारण अमेरिकी लोगों से जुड़ाव ने उन्हें मजबूत उम्मीदवार बनाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 14 जुलाई 2024 को व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित किया। यह संबोधन उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हत्या के प्रयास के संदर्भ में था। बाइडेन ने जनता से शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लोकतंत्र के सिद्धांतों और सभी व्यक्तियों की सुरक्षा की महत्ता पर जोर दिया।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख हेमंत सोरेन के तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री पद पर काबिज होने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री चंपई के इस्तीफे की खबरों से राज्य की राजनीति में हलचल मची हुई है। 2019 से झारखंड मुक्ति मोर्चा सत्ता में है और इस समय की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
भारतीय सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में शपथ ग्रहण के दौरान 'जय फिलिस्तीन' का नारा लगाकर विवाद खड़ा कर दिया। ओवैसी ने उर्दू में शपथ लेने के बाद 'जय भीम', 'जय मिम', 'जय तेलंगाना' और 'जय फिलिस्तीन' का नारा भी लगाया। इस पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने उन पर संविधान की मर्यादा उल्लंघन का आरोप लगाया।